सब्र

तेरे संग कुछ इस तरह, रिश्ता निभा लिया मैंने, दिल में इक तहखाना, बना लिया मैंने, तेरे सारे दिए दर्द को, दबा लिया मैंने, तेरे संग कुछ इस तरह, रिश्ता निभा लिया मैंने | ना तू मुझको जान पाया, या मैंने नहीं तुझे जाना है, नया नया सा आज भी …