माँ की याद

एक दिन पूछा मेरी बेटी ने मुझसे,
माँ आपको अपनी माँ की याद नहीं आती,
कभी नहीं देखा रोते क्या उनकी याद,
नहीं सताती |

मैंने उसको पास बिठाया बड़े प्यार से,
उसे समझाया,
जब मैं सुबह तुझे जगाती हूँ,
तू करवट लेकर फिर सो जाती है,
तब मुझे माँ की याद आती है |

जब मेरे हाथ का बनाया खाना,
तू सारा चट कर जाती है,
तब मुझे माँ की याद आती है |

मेरे हाथ के सिले कपड़े पहनकर,
तू इतराती है,
तब मुझे माँ की याद आती है |

देर करती जब तू घर आने में,
तेरी चिंता मुझे सताती है,
तब मुझे माँ की याद आती है |

और रोती मैं इसलिए नहीं कि,
तू ख्याल रखती है मेरा इतना,
की तुझमे ही माँ दिख जाती है,
और माँ की याद आती है |

Kavita Tanwani

    • 4 years ago

    nice poem very heart touching . aapko sadar charan sparsh,dhok ….

    • 4 years ago

    nice lines ❤️

    • 4 years ago

    Lovely ❤

    • 4 years ago

    Awesome it is

    • 4 years ago

    Nyc ❤❤❤❤..

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