घर का ये कोना मुझे अच्छा लगता है
दोस्त ये अपना सच्चा लगता है,
जब किसी बात से बैचैन मै हो जाती हु,
फैसला किसी बात मे ले नहीं पाती हूं,
पास इनके बैठ कर फूलों संग बतियाना अच्छा लगता है।
घर का ये छोटा ्््
कांटों के बीच रहकर भी ये खिलखिलाते है,
बारिश धूप और पतझड़ को भी ये सहन ये कर जाते है,
सिख लिया है मैने भी इन्हीं से,
इसलिए मुझे भी हर हाल में मुस्कुराना अच्छा लगता है,
घर का ये एक ्््
आप भी अपने घर में एक सकुन का एक कोना बना कर देखो,
अपनी पसंद की चीजों से सजा कर देखो,
बैठ कर उस कोने मे फिर से बचपन अपना जीना अच्छा लगता है।।
घर का ये एक छोटा सा कोना मुझे अच्छा लगता है, दोस्त ये कोई सच्चा लगता है।।♥️♥️
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Kavita Tanwani
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