ये है कोरोना

डरो ना कोरोना से तुम डरो ना,
आज पृथ्वी खुलकर सांस ले रही है,
उस पर आज कोई गाड़ी बोझ बनकर धुआं नहीं छोड़ रही है,
संग पृथ्वी के तुम भी खुश हो ना,
डरो ना कोरोना से तुम डरो ना !

आज माँ बाप बेटे को निहार रहे है,
कितने सालों बाद आया कमरे में, ये हिसाब लगा रहे है,
कहा उन्होंने बेटे से, ऑफिस का काम नहीं करने देते अगर तुमको बच्चे,
हमारे कमरे में आकर करो ना,
डरो ना कोरोना से तुम डरो ना !

बस अब इतना करो तुम, अपनी स्वच्छता का ध्यान धरो तुम,
छींकों खाँसों तुम मुंह ढककर ,सफाई रखो तुम बार बार मुंह हाथ धोकर,
मिलकर अपने किसी परिचित से तुम हाई फाइ करो ना,
याद करके अपने संस्कार तुम नमस्कार करो ना ,
डरो ना कोरोना से तुम डरो ना !

ये तो कुछ नहीं, पृथ्वी ने सबको हिलाया है,
भूले संस्कार सब अपने सबको याद दिलाया है,
माँ है ये धरती अपनी, माँ से तुम भयभीत ना होना,
डरो ना कोरोना से तुम डरो ना !



Kavita Tanwani

1 /5
Based on 1 rating

Reviewed by 1 user

  • Nice post i like it 100 %. I learn something new and challenging on sites I stumbleupon on a daily basis. Its always helpful to read through articles from other writers and use something from their web sites.

    • 4 years ago

    Nice post i like it 100 %. I learn something new and challenging on sites I stumbleupon on a daily basis. Its always helpful to read through articles from other writers and use something from their web sites.

Leave feedback about this

  • Rating

Back to top