सलामी

करो सब तनकर सलाम, मेरे देश के जवानों को, डटें हैं जो समझ के घर अपना, सरहदों के मकानों को, रहें महफूज़ मेरे देश का हर कोना, महसूस करो इनके इन बयानों को, करो सब तनकर सलाम, मेरे देश के जवानों को| अपने ही घर में क्यों, अपनों से पत्थर …