काश मैं ऐसा कर पाती, काश मैं ऐसा कर पाती |
शादी की भागादौड़ी में काश मैं ऐसा कर पाती,
पास बिठाकर के तुझको तेरे बालों को सहला पाती,
जड़ कर चुम्बन तेरे माथे पर दिल का फ़्रेम सजा पाती,
काश मैं ऐसा कर पाती |
मिक्की गुड्डू तुम मेरी इतनी जल्दी बड़ी हो गयी,
कल थी मेरी गोदी में,आज दुल्हन बनकर खडी हो गयी,
वक़्त गुजर गया कैसे जल्दी,खुद को ये समझा पाती,
काश मैं ऐसा कर पाती |
बदल गया है दौर आज का,अब ये समझ में आया है,
देकर के मैंने अपनी बेटियां ,बेटों को जो पाया है,
अब ना करो चिंता बेटी की,हर माँ को ये विश्वास दिला पाती,
काश में ऐसा कर पाती,
काश में ऐसा कर पाती |
Related
Prev post
माँ का एहसास
Next post
शहादत
Kavita Tanwani
Related Posts
- 3 years ago
- 3 years ago
- 3 years ago
- 6 years ago

Leave feedback about this