आज हर हिंदुस्तानी के दिल में गम जरूर होगा|
आज हर भारतीय की आँखों का कोना नम जरूर होगा|
हुआ जो शहीद वतन पर, वो किसी का तो सपूत होगा|
सुहाग था किसी का, किसी के आँगन की धूप था|
रोया उसकी शहादत पर आसमां जरूर होगा|
आज हर हिंदुस्तानी के दिल में गम जरूर होगा|
आज हर भारतीय की आँखों का कोना नम जरूर होगा|
ओ आतंकियों क्या तुम्हारे जहां में इंसानियत नहीं होती?
क्या तुम्हारे यहां जनाज़ो पर माँ बहने नहीं रोती?
पसीजा क्यों नहीं दिल तुम्हारा?
ऐसा मंजर तुमने देखा तो जरूर होगा?
आज हर हिंदुस्तानी के दिल में गम जरूर होगा|
आज हर भारतीय की आँखों का कोना नम जरूर होगा|
एक सैनिक की शहादत पर,सौ सैनिक खड़े हो जाएंगे|
गिरा के घुटनो के बल तुमको, धरती की धुल चटाएंगे|
ऐसे मातम का हाहाकार, तुम्हारे घर में भी जरूर होगा|
आज हर हिंदुस्तानी के दिल में गम जरूर होगा|
आज हर भारतीय की आँखों का कोना नम जरूर होगा|

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