Meri Kavita

Meri Kavita

Feelings from my heart ...

Meri Kahani, Meri Jubani

सलामी

करो सब तनकर सलाम, मेरे देश के जवानों को, डटें हैं जो समझ के घर अपना, सरहदों के मकानों को, रहें महफूज़ मेरे देश का हर कोना, महसूस करो इनके इन बयानों को, करो सब तनकर सलाम, मेरे देश के जवानों को| अपने ही घर में क्यों, अपनों से पत्थर …

शहादत

आज हर हिंदुस्तानी के दिल में गम जरूर होगा| आज हर भारतीय की आँखों का कोना नम जरूर होगा| हुआ जो शहीद वतन पर, वो किसी का तो सपूत होगा| सुहाग था किसी का, किसी के आँगन की धूप था| रोया उसकी शहादत पर आसमां जरूर होगा| आज हर हिंदुस्तानी …

काश मैं ऐसा कर पाती

काश मैं ऐसा कर पाती, काश मैं ऐसा कर पाती | शादी की भागादौड़ी में काश मैं ऐसा कर पाती, पास बिठाकर के तुझको तेरे बालों को सहला पाती, जड़ कर चुम्बन तेरे माथे पर दिल का फ़्रेम सजा पाती, काश मैं ऐसा कर पाती | मिक्की गुड्डू तुम मेरी …

माँ का एहसास

माँ के गुजरने के बाद ये पहली छुट्टियाँ हैं मेरी | मैं सोच रही थी न जाने अब भाई बुलाएगा या नहीं,अब माँ के बिना घर मे मन लगेगा या नहीं | ये ही हुआ शाम को ही भाई का फ़ोन आया और बोला (और गुड्डन कब आ रही हो …

बेटी की विदाई

कुछ दिन की तू , मेरे घर में मेहमान है, उड़ जाएगी संग पिया के, तेरे लिए खुला आसमान है, कुछ दिन की तू, मेरे घर में मेहमान है। महकता है तुझसे ही,मेरा ये आँगन, शमा है तू मेरे घर की, रोशन तुझसे ही, मेरा ये जहान है, कुछ दिन …

सब्र

तेरे संग कुछ इस तरह, रिश्ता निभा लिया मैंने, दिल में इक तहखाना, बना लिया मैंने, तेरे सारे दिए दर्द को, दबा लिया मैंने, तेरे संग कुछ इस तरह, रिश्ता निभा लिया मैंने | ना तू मुझको जान पाया, या मैंने नहीं तुझे जाना है, नया नया सा आज भी …

आज की नारी

ये आज की नारी है बंधु , सब कुछ ये कर जाएगी। उड़ने को दो पंख अगर, छूकर आसमाँ आयेगी, गर्तो में दो चाहे डुबा , चुनकर मोती लाएगी, ये आज की नारी है बंधु ,सब कुछ ये कर जाएगी। चाहे हो कोई समस्या, चुटकी में सुलझाएगी, बोझ पड़े जो …

पाप की पीड़ा

कहाँ थी तुम माँ , जब मैंने तुम्हे पुकारा था, आयीं नहीं तुम माँ , जब मैंने तुम्हे पुकारा था | चोट खाकर जब मैं आती थी, तुमने इक फूँक से दर्द उतारा था, कहाँ थी तुम जब खून बहा इतना सारा था, आयीं नहीं तुम माँ , जब मैंने …

उलझन

भागते है रास्ते या भागता है इंसान, कुछ समझ नहीं आता, क्या चाहता है इंसान | वक़्त के दरख़तों पर यादें कईं कईं है, कुछ पड़ी धुँधली कुछ यादें नयी नयी है, आशाओं के पुलिंदे फिर भी बांधता है इंसान, कुछ समझ नहीं आता, क्या चाहता है इंसान | पुरानी …

मेरी बिटिया

मेरे आँगन की चिड़िया फुदक फुदक कर मुझे रिझा गयी, आज वो उड़कर अपनी नयी दुनिया बसा गयी | बचपन मैं वो जो खेलती गुड़िया से मेरी गुड़िया थी, हाथों मैं उसकी खनकती कई कई चूड़ियां थी, खनखनाती वो कंगना अपने साजन के घर गयी, आज वो उड़कर अपनी नयी …

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